माँ तुम एक शहज़ादा लाना....
अब जब जिंदगी के नए पड़ाव पर
पैर रखना ही है, तो सुनो मां..
तुम एक शहज़ादा लाना...
पैर रखना ही है, तो सुनो मां..
तुम एक शहज़ादा लाना...
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Bio: Name - Sudha Tandi Birthday - 20th october Father's Name - Late Bijay Tandi Occupation - Teacher Hometown - Jamshedpur Interest/Hobbies - Sketching, Dancing & Writing poems Languages known: Hindi, English & Odiya YouTube Channel: Sudha_retrolover Instagram: Sudha_retrolover |
उसके साथ मेरी खोई हुई खुशियां लाना
लाना तुम मेरे लिए भले ही श्रृंगार के सामान
पर मैं तो कहूंगी इसके बदले तुम
ससुराल का सम्मान लाना ।।
अब तो बड़ी हो गई हूँ ना ?
तो क्या हुआ माँ
तो क्या हुआ माँ
आज भी मेरे लिए वो लड़का बेस्ट लाना
देखो माँ.. अपनी इस नखरेवाली के लिए
देखो माँ.. अपनी इस नखरेवाली के लिए
नखरे उठाने वाला लाना ।।
जो मेरी बाते सुनते थके ना
जो मेरी बाते सुनते थके ना
जो दूर चलने को कहूं तो कभी रुके ना
कहना उसे मेरी बेटी है वो नादान सी
हर बुरे चीजों से अंजान सी
माँ तुम उसे लाना तो लाना बस साथ में
कहना उसे मेरी बेटी है वो नादान सी
हर बुरे चीजों से अंजान सी
माँ तुम उसे लाना तो लाना बस साथ में
उसमें परछाई अपनी ही लाना ।।
तुमने ना रोने दिया ना खोने दिया
तुमने ना रोने दिया ना खोने दिया
ना ही कभी भूखे पेट सोने दिया
दर्द बांट सकु ऐसा हमदर्द लाना
माँ मेरे लिए तुम एक शहज़ादा लाना ।।
दर्द बांट सकु ऐसा हमदर्द लाना
माँ मेरे लिए तुम एक शहज़ादा लाना ।।
जब मिलो उसे तो ये समझना
जब डरी सेहमी सी दुनिया से लड़ू
तो पिता बनकर ढाल बन जाना।
हर बात और राह में मेरा साथ निभाए
मेरी खुशियो के लिए जो सबसे लड जाये,
तुम उसमें भाई जैसे गुण लाना ।।
जब कुछ समझ ना आए कोई पास ना हो
जब कुछ समझ ना आए कोई पास ना हो
और मैं गले लगा के बस जी भर के रो
या हंस सकूं ऐसे बहन जैसी
उसमें मेरी सहेली लाना ।।
अब और क्या कहूँ माँ
अपनी बेटी के लिए बस
मेरे सपनों जैसा शहज़ादा लाना ।।
Written by Sudha Tandi
First published on: Care For Artist Web Platform
Date of Publish: 5th March, 2024

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