जीवन और संगीत
हिंदी अनुवाद: साहित्य, संगीत और कला से विहीन मनुष्य साक्षात नाख़ून और सींघ रहित पशु के समान है। और ये पशुओं की खुद्किस्मती है की वो उनकी तरह घास नहीं खाता।
अंग्रेज़ी अनुवाद:A person destitute of literature, music or the arts is as good as an animal without a trail or horns. It is the good fortunes of the animals that he doesn't eat grass like them.
भारतीय जीवन में 16 संस्कार माने है है,
(2) पुंसवन संस्कार
(3) सीमन्तोन्नयन संस्कार
(4) जातकर्म संस्कार
(5) नामकरण संस्कार
(6) निष्क्रमण संस्कार
(7) अन्नप्राशन संस्कार
(8) मुंडन संस्कार
(9) कर्णवेधन संस्कार
(10) विद्यारंभ संस्कार
(11) उपनयन संस्कार
(12) वेदारंभ संस्कार
(13) केशांत संस्कार
(14) सम्वर्तन संस्कार
(15) विवाह संस्कार
(16) अन्त्येष्टि संस्कार।।
इसमें से प्रत्येक का प्रारंभ और अंत संगीत से होता है। ऐसा कोई भी त्योहार नही है, जहाँ संगीत न हो, चाहे वो संगीत प्राथना तक ही क्यों न सीमित हो। संगीत केवल विनोद की वस्तु नहीं, बल्कि ऐसा चिरस्थाई आनन्द है जिसमें हमें अत्मसुख मिलता है। संस्कार का सामान्य अर्थ है-किसी को संस्कृत करना या शुद्ध करके उपयुक्त बनाना। संस्कृत भाषा का शब्द है संस्कार। मन, वचन, कर्म और शरीर को पवित्र करना ही संस्कार है। संस्कार मनुष्य को पाप और अज्ञान से दूर रखकर आचार-विचार और ज्ञान-विज्ञान से संयुक्त करते हैं।
रहस्य : मानव के इतिहास में जब भाषा का जन्म नही हुआ था, उस समय आपस में भावों का आदान-प्रदान संगीत द्वारा ही संभव था। अर्थात हम यह मान सकते है कि संगीत का जन्म भाषा से कहीं पूर्व हुआ है।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति Dr. Rajendra Prasad के शब्दों में "हमारे साधु संतों की संगीत-साधना का ही यह प्रभाव था कि कबीर, सुर, तुलसी, मीरा, तुकाराम, नरसी मेहता ऐसी कृतियाँ कर गये जो हमारे और संसार के साहित्य में सर्वेदा ही अपना विशिष्ट स्थान रखेंगी।"
Courtesy: राग परिचय-भाग -1 हरिशचंद्र श्रीवास्तव
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